Urdu shayari - उर्दू शायरी - Urdu sher


Urdu shayari - उर्दू शायरी - Urdu  sher






Introduction :- 


Welcome Friends!

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The writer of all those Urdu shayari is Rishikesh shinde. Please check out and if you want more Urdu shayari like that please comment down below!!






New shayari in urdu



काटोंपे चलने की आदतसी होगयी है अब तो
जख्म भी अपने लगने लगे है,
मुश्किलोसे भरी जिंदगी यूँ
खुशी के दो पल के लिए तरसी है

Urdu shayari on love


कल की बात छोड़,
आजका दिन पूरा निचोड़
कल फिर वही भागदौड़
वही चेहरे है देखने, आज
खुदके चेहरेसे तो बात कर

Urdu shayari on life


क्या लिखूं? बोहोत वक्त बीत गया
कुछ लिखें हुए ये लफ्ज़ोंका ख़सारा है
या ग़म थोड़ा कम पड़ने लगा है मेरी ज़िंदगी मे?
ख़सारा --- loss

Urdu shayari on life


अंधेरे चिरती हुई आयी एक रोशनी इस जिंदगी मैं
उस रोशनी मैं थोड़ीसी चमक की कमी थी

अंधेरे चिरती हुई आयी एक रोशनी इस जिंदगी मैं  उस रोशनी मैं थोड़ीसी चमक की कमी थी
Urdu shayari on life


नींद ढूंढ रहा हूँ एक अरसेसे तुम्हे मिली तो नही?
वो तो तकियेपर पड़ी मिल जाया करती थी पेहले

नींद ढूंढ रहा हूँ एक अरसेसे तुम्हे मिली तो नही?  वो तो तकियेपर पड़ी मिल जाया करती थी पेहले
Urdu shayari on love


बोहोत किया लोगोंके लिए बस खुदके लिए करना
 भूल गया खुदसे ज़्यादा एहमियत दे बैठा मैं दूसरोंको
 इस मतलबी दुनियामें थोड़ा खुदगर्ज़ होना भुल गया

बोहोत किया लोगोंके लिए बस खुदके लिए करना   भूल गया खुदसे ज़्यादा एहमियत दे बैठा मैं दूसरोंको   इस मतलबी दुनियामें थोड़ा खुदगर्ज़ होना भुल गया
Urdu shayari on life


आता है कभी कभी मुश्किलों भरा वक़्त जरासा सब्र तो रखिए,
याद रखना खौफनाक रात के बाद हमेशा उमीदभरी सुबह होती है.

आता है कभी कभी मुश्किलों भरा वक़्त जरासा सब्र तो रखिए,  याद रखना खौफनाक रात के बाद हमेशा उमीदभरी सुबह होती है.
Positive shayari


दूसरोके लिए हूँ मैं पुरा अपने लिए जरा भी नहीं ज्यादा
नहीं बस चंद लम्होकी है ख्वाहिश तुझसे क्या
मेरे नसीब मैं एक भी लम्हा नहीं ?

 दूसरोके लिए हूँ मैं पुरा अपने लिए जरा भी नहीं ज्यादा  नहीं बस चंद लम्होकी है ख्वाहिश तुझसे क्या  मेरे नसीब मैं एक भी लम्हा नहीं ?
Urdu shayari on love


मैने अदब-ए-वफ़ाई पर हर एक बात केह दी
उस कम्बख्तने तो बेवफाई पर पुरी किताब लिख दी
मेरा इश्क़ तो था सच्चा किसी दुआ की तराह
पर उसके इश्क़ मैं तो दुनियाभर की मिलावट थी

वफ़ाई--loyalty

मैने अदब-ए-वफ़ाई पर हर एक बात केह दी  उस कम्बख्तने तो बेवफाई पर पुरी किताब लिख दी  मेरा इश्क़ तो था सच्चा किसी दुआ की तराह  पर उसके इश्क़ मैं तो दुनियाभर की मिलावट थी
Urdu shayari on love


अभी शुरुवात है जाना बोहोत दूर है
हा माना मैरे हालात थोड़े मजबूर है
मुझे अब नही रोक सकती ये नाकामी की दीवारें
मेरे सर पर अभी कामियाब होने का जो फितूर है

फितूर-- mad about something.

अभी शुरुवात है जाना बोहोत दूर है  हा माना मैरे हालात थोड़े मजबूर है  मुझे अब नही रोक सकती ये नाकामी की दीवारें  मेरे सर पर अभी कामियाब होने का जो फितूर है
Urdu shayari on life



हर कोई लड़ रहा अपने अंदर एक जंग
हर कोई है अपने हालातोंसे तंग
इंसानियत का जमाना गया सच्चाई यहा बंद
ये ज़िन्दगी अब ज़िन्दगी ना रही बनगई शतरंज

हर कोई लड़ रहा अपने अंदर एक जंग  हर कोई है अपने हालातोंसे तंग  इंसानियत का जमाना गया सच्चाई यहा बंद  ये ज़िन्दगी अब ज़िन्दगी ना रही बनगई शतरंज
 shayari on life


दिमागमें भरे शोर को ये  रात के सन्नाटे कबूल नहीं
अंधेरोकि  आदत है मुझे, ये उजाले हमें मंजूर नहीं

दिमागमें भरे शोर को ये  रात के सन्नाटे कबूल नहीं  अंधेरोकि  आदत है मुझे, ये उजाले हमें मंजूर नहीं
Shayari on life

भले तुम खिलाओ' रोटियाँ सोनेकी याद रखना
बदलेमे तुम्हे पत्थरहि परोसे जाएंगे, अब आदत
डाललो मेरे दोस्त अच्छाई यहाँ कोडियोके दाम बिका करती है.
इंसानके भेस मैं शैतानियत घूमा करती है।

 भले तुम खिलाओ' रोटियाँ सोनेकी याद रखना  बदलेमे तुम्हे पत्थरहि परोसे जाएंगे, अब आदत  डाललो मेरे दोस्त अच्छाई यहाँ कोडियोके दाम बिका करती है.  इंसानके भेस मैं शैतानियत घूमा करती है।
Shayari on life

छिनले मुझसे मेरा सबकुछ
बदलेमें उसे खैरियत अदा करदे
भिक मांगता हूं ए खुदा
मेरी बस ये मुराद पूरी करदे.

खैरियत = wellness
मुराद = Wish







क्यों जिस्मों के समंदरमें हो जिंदासी एक लाश?
ज़िन्दगी है बेमक़सद तेरी क्यों करे ये मतलबभरी बात?
दूसरेका निवाला नोच तू सिर्फ़ अपने बारेमे सोच
दूसरोंका बन सहारा ना बन यूँ माँ-बाप पर अपने बोझ


Shayari on life


मुझसे हर एक लफ्ज़ बात करते है
कुछ मिसरे बीता हुआ कल याद करते है
मैं आजभी महखाने में दोस्त नही लेजाता
कुछ दर्द होते है साथ जो जाम भरने का काम करते है

मुझसे हर एक लफ्ज़ बात करते है  कुछ मिसरे बीता हुआ कल याद करते है  मैं आजभी महखाने में दोस्त नही लेजाता  कुछ दर्द होते है साथ जो जाम भरने का काम करते है
Urdu shayari


मैं चिराग़ जो बुझ जाए दूसरोंको रोशन कर
मैं अंधेरा जो छुप जाए अल्मारीमे उजाले फेर कर
मैं  रात जो  बीत जाए  सुनेहरी चांदनी बिखेर क
मैं  इंसान जो जिंदा रह जाए इंसानियत के दम पर

मैं चिराग़ जो बुझ जाए दूसरोंको रोशन कर  मैं अंधेरा जो छुप जाए अल्मारीमे उजाले फेर कर  मैं  रात जो  बीत जाए  सुनेहरी चांदनी बिखेर क  मैं  इंसान जो जिंदा रह जाए इंसानियत के दम पर
Urdu shayari


निंद नही आती, एक अरसा होगया
सपनोंका  वो महल अब क़ब्रिस्तान होगया
मैं बेज़ार रहता था कुछ महीने पहले
अब कुछ महीने बाद और बेज़ार होगया


निंद नही आती, एक अरसा होगया  सपनोंका  वो महल अब क़ब्रिस्तान होगया  मैं बेज़ार रहता था कुछ महीने पहले  अब कुछ महीने बाद और बेज़ार होगया
Urdu sad shayari


ये तो आगाज है बस सबकी तबाही का
लाशों के समंदर अभी पार करना बाकी है,
एक इंसान दूसरेकी जान ले, बनजाए आदमखोर.
और जनाब हमें थोड़ी इंसानियत बचानी बाकी है

ये तो आगाज है बस सबकी तबाही का  लाशों के समंदर अभी पार करना बाकी है,  एक इंसान दूसरेकी जान ले, बनजाए आदमखोर.  और जनाब हमें थोड़ी इंसानियत बचानी बाकी है
Corona virus shayari

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