जॉन एलीआ - 5 best jaun elia books - Jaun Elia shayari


जॉन एलीआ 


Introduction

 who is jaun elia?

Syed sibt-e-ashgar naqvi known as jaun elia a famous Urdu/Hindi poet.Jaun Elia poetry known for his sad and heartbroken touch. Jaun elia was born on 14th December 1931 in Amroha India. After separation jaun elia went to Pakistan. Jaun elia Contributed Best gazhal and sher to Urdu shayari community. there was extreme pain in Jaun elia shayari .Jaun elia always mentioned about his love life in his poem.Jaun Elia passed away on 8th November 2002.

Shayari books of Jaun Elia



Jaun elia poetry


jaun elia quotes

सिलसिला जुम्बा एक तन्हा से रूह
किसी तन्हा की थी एक आवाज अभी
आयी थी वो आवाज हवा की थी

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सब्ज तमन्नाओ से जिसकी सबकुछ
था सरशार फस्ले-उम्मीद पागल
दिल ने अब्ब तक बोई नहीं

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मुझको मता -ए -गम अपनी को
खर्च न रना करना था ,तर भी लहू
में मेरी आँखे लेकिन रोइ नहीं

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ख्वाबो की तो बात दीगर है ख़्वाबगहे-दिल में
ऐसे भी कुछ आँखे थी जो पल भर सोइ नहीं

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तुम भी जानाँ कोई नहीं मै भी कोई नहीं
ये जो सुखन है मेरा मेरी हरजः गोई नहीं

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दुःख है और में हूँ , मई हूँ और दुःख है
कतिलतर सुख है शंकर जी ,गूंगे शंकर
जी होंठ मेरे  कुख है में हूँ और दुःख है

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उस जोगन के रूप हजारों उनमेसे एक रूप है तू
जब से मैंने जोग लियाँ है जोगी हूँ उस जोगी का

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जौन बड़ा हरजाई निकला पर वो थो
बैरागी था  एक रसिली एक आनीली
अलबेली अमरोहन का..............

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चिलमन पीछे एक चिलमन है आँखों से
आकाश तलक जो तेरी देखन में आया
वो झलका चिलमन का

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बिच में आने वाले तो बस बिन कारण
हलकान हुए सयैद जी था सारा खेल
तुम्हारा और बिरहमन का

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मुझको मेरे सारे खिलोने लाके दो में क्या जानू ?
कैसी जवानी, किसकी जवानी में हूँ अपने  बचपन का

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एक बस्ती है, आदमी है दौ
एकतो में हूँ, और  दूसरा में
घर से निकला हूँ, देखिये क्या हो
मुहतरम देख के चला कीजिये

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थी वो घर राते भी कहानी कहानी वादे
और दिन गिनना आना था जाने वालो
 को जाने वाला जिन्दा था

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वो दोपहर अपनी रुख्सत की ऐसा वैसा धोखा थी
अपने अंदर अपनी लाश उठाये में में झूठा जिन्दा था

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नक़्शे-कुहन को दिल से दिल से मिटाया नहीं जाएगा
गुजरे हुए दिनों को भुलाया नहीं जाएगा


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